परिचय
OPS की मांग फिर तेज है, लेकिन क्या केंद्र सरकार सचमुच पुरानी पेंशन बहाल करेगी?
Old Pension Scheme यानी OPS को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच एक बार फिर उम्मीद और चर्चा बढ़ गई है। YouTube और सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि OPS वापस आने वाली है, 8वें वेतन आयोग में OPS पर बड़ा फैसला होने वाला है या केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर विचार कर रही है।
लेकिन इन दावों के बीच एक महत्वपूर्ण सवाल है—
क्या केंद्र सरकार ने वास्तव में OPS बहाल करने का फैसला किया है?
10 अगस्त 2026 को लोकसभा में दिए गए वित्त मंत्रालय के आधिकारिक जवाब से इस सवाल का फिलहाल स्पष्ट उत्तर मिलता है।
सरकार ने कहा है कि OPS को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए फिर से लागू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार ने OPS से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले अस्थिर वित्तीय दायित्व को इसका प्रमुख कारण बताया है।
10 अगस्त 2026 को लोकसभा में सरकार ने क्या कहा?
OPS को लेकर सबसे महत्वपूर्ण ताजा जानकारी लोकसभा में पूछे गए Unstarred Question No. 3637 के जवाब से सामने आई है।
प्रश्न था कि क्या सरकार Old Pension Scheme लागू करने का इरादा रखती है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि OPS बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सरकार ने इसका कारण OPS से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले “unsustainable fiscal liability” यानी दीर्घकालीन अस्थिर वित्तीय बोझ को बताया।
संबंधित स्रोत
10 अगस्त 2026 का OPS संबंधी लोकसभा
1लोकसभा OPS जवाब — Question No. 3637
यह जानकारी Economic Times और अन्य समाचार माध्यमों ने भी रिपोर्ट की है।
क्या OPS की मांग खत्म हो गई है?
नहीं।
यह समझना बहुत जरूरी है कि OPS की मांग जारी रहना और सरकार द्वारा OPS स्वीकार कर लेना दो अलग बातें हैं।
कर्मचारी संगठन लंबे समय से NPS और UPS की जगह OPS बहाल करने की मांग करते रहे हैं। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने भी पेंशन से संबंधित मांगें रखी गई हैं।
इसलिए OPS का मुद्दा पूरी तरह जीवित है।
लेकिन वर्तमान सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार:
कर्मचारी OPS की मांग कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी OPS बहाल करने का फैसला नहीं किया है।
यही अंतर YouTube और सोशल मीडिया पर चलने वाली कई खबरों को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
8वें वेतन आयोग में OPS की मांग क्यों उठ रही है?
8वां केंद्रीय वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, पदोन्नति, भत्ते और पेंशन व्यवस्था में सुधार जैसी कई मांगें उठाई जा रही हैं।
इन मांगों में OPS की बहाली भी शामिल है।
इसका मतलब यह है कि OPS का मुद्दा 8वें वेतन आयोग के सामने उठाया जा रहा है।
लेकिन इसे इस तरह समझना गलत होगा कि:
“8वें वेतन आयोग में OPS मंजूर हो गई।”
वेतन आयोग के सामने किसी संगठन द्वारा मांग रखना केवल एक Demand है। यह अपने आप में सरकारी Approval नहीं है।
Demand, Proposal और Approval में क्या अंतर है?
OPS से जुड़ी खबरों को समझने के लिए इन शब्दों का अंतर जानना जरूरी है।
Demand — मांग
कर्मचारी संगठन सरकार से OPS बहाल करने की मांग करते हैं।
Proposal — प्रस्ताव
सरकार या संबंधित विभाग किसी नीति को लागू करने के लिए औपचारिक प्रस्ताव तैयार करता है।
Recommendation — सिफारिश
कोई आयोग या समिति सरकार को अपनी सिफारिश देती है।
Consideration — विचाराधीन
सरकार किसी प्रस्ताव पर आधिकारिक रूप से विचार कर रही होती है।
Approval — मंजूरी
सक्षम सरकारी प्राधिकरण प्रस्ताव को स्वीकार करता है।
Notification — अधिसूचना
सरकार औपचारिक अधिसूचना जारी करती है।
Implementation — लागू होना
नीति वास्तव में लागू होती है।
इसलिए यदि किसी कर्मचारी संगठन ने कहा कि “OPS लागू करो”, तो यह मांग है।
यदि YouTube वीडियो इसे “OPS लागू होने वाली है” के रूप में प्रस्तुत करता है, तो दोनों के बीच का अंतर स्पष्ट करना जरूरी है।
YouTube पर OPS वापस आने की खबरें क्यों चल रही हैं?
OPS की खबरों के वायरल होने के पीछे कई कारण हैं।
पहला कारण यह है कि OPS वास्तव में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल है।
दूसरा कारण 8वां Pay Commission है। आयोग से जुड़ी हर बैठक और कर्मचारी संगठनों की मांगें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती हैं।
तीसरा कारण कुछ राज्यों द्वारा NPS से OPS की ओर लौटने के फैसले हैं।
चौथा कारण YouTube का headline और thumbnail culture है।
“कर्मचारी संगठनों ने OPS की मांग की”
की तुलना में
“OPS पर बड़ा फैसला!”
या
“OPS वापस आएगी?”
जैसा शीर्षक अधिक क्लिक आकर्षित कर सकता है।
यह जरूरी नहीं कि ऐसा हर शीर्षक जानबूझकर गलत हो। लेकिन दर्शक को यह देखना चाहिए कि वीडियो में वास्तव में सरकारी निर्णय है या केवल कर्मचारी संगठनों की मांग।
राष्ट्रीय समाचार चैनल ABP News का OPS पर वीडियो
OPS की बहाली को लेकर देश में कर्मचारी संगठनों का आंदोलन और उनकी मांग लंबे समय से चर्चा में रही है। इस विषय पर राष्ट्रीय समाचार चैनल ABP News ने भी अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों के आंदोलन की जानकारी दी गई थी।
महत्वपूर्ण: यह वीडियो जनवरी 2024 का है। इसलिए इसे 2026 में OPS बहाली के सरकारी निर्णय का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। इसका उपयोग केवल यह दिखाने के लिए किया जा सकता है कि OPS की मांग और कर्मचारी आंदोलन कोई नई बात नहीं है।
हालांकि ABP News जैसे राष्ट्रीय समाचार माध्यमों ने OPS आंदोलन और कर्मचारियों की मांग को रिपोर्ट किया है, लेकिन आंदोलन की खबर और केंद्र सरकार द्वारा OPS बहाली की मंजूरी—दो अलग बातें हैं। 10 अगस्त 2026 के लोकसभा जवाब के अनुसार केंद्र सरकार के पास OPS बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
क्या कुछ YouTube चैनल लोगों को गुमराह कर रहे हैं?
यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
लेकिन किसी पूरे चैनल को “फर्जी”, “लोगों को मूर्ख बनाने वाला” या “धोखेबाज” कहना बिना प्रमाण के उचित नहीं होगा।
फिर भी किसी वीडियो की प्रस्तुति का तथ्यात्मक विश्लेषण किया जा सकता है।
यदि कोई चैनल:
- कर्मचारी संगठन की मांग को सरकारी फैसला बताता है;
- “OPS Confirmed” लिखता है, लेकिन सरकारी आदेश नहीं दिखाता;
- पुराने समाचार को नई Breaking News की तरह पेश करता है;
- किसी राजनीतिक बयान को सरकारी निर्णय बताता है;
- “सूत्रों के हवाले” से दावा करता है, लेकिन स्रोत नहीं बताता;
- 8वें Pay Commission में OPS की मांग को OPS की मंजूरी के रूप में प्रस्तुत करता है;
तो ऐसी प्रस्तुति दर्शकों को भ्रमित कर सकती है।
लेकिन किसी चैनल पर जानबूझकर धोखा देने या आर्थिक लाभ के लिए गलत खबर चलाने का आरोप लगाने के लिए अतिरिक्त प्रमाण आवश्यक होंगे।
इसलिए जिम्मेदार पत्रकारिता की भाषा यही होगी:
“कुछ वीडियो की प्रस्तुति ऐसी हो सकती है जिससे दर्शक को OPS की सरकारी मंजूरी का भ्रम हो, जबकि उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड उस दावे की पुष्टि नहीं करते।”
क्या YouTube चैनल किसी कर्मचारी संगठन के इशारे पर काम कर रहे हैं?
OPS बहाली के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठन सक्रिय हैं।
उदाहरण के लिए National Movement for Old Pension Scheme (NMOPS) OPS की बहाली को अपने आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य बताता है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण कानूनी अंतर है।
किसी YouTube चैनल द्वारा किसी कर्मचारी संगठन की मांग को प्रमुखता से दिखाने से यह सिद्ध नहीं होता कि वह चैनल उसी संगठन के निर्देश पर काम कर रहा है।
इसके लिए ठोस प्रमाण चाहिए, जैसे:
- लिखित समझौता;
- आर्थिक लेनदेन;
- आधिकारिक साझेदारी;
- संगठन के निर्देश;
- ईमेल या अन्य दस्तावेज;
- संबंधित पक्ष की स्पष्ट स्वीकारोक्ति।
ऐसे प्रमाण के बिना “चैनल संगठन के इशारे पर काम करता है” कहना उचित नहीं होगा।
इसलिए इस लेख में किसी चैनल या संगठन पर ऐसा आरोप नहीं लगाया जा रहा है।
सरकार OPS के बजाय UPS पर क्यों आगे बढ़ी?
केंद्र सरकार ने Unified Pension Scheme यानी UPS को NPS के अंतर्गत विकल्प के रूप में लागू किया है।
10 अगस्त 2026 के लोकसभा जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया कि NPS में सुधार के लिए एक समिति बनाई गई थी। हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद UPS को 1 अप्रैल 2025 से NPS के अंतर्गत विकल्प के रूप में लागू किया गया।
सरकार के अनुसार UPS का उद्देश्य NPS से जुड़े केंद्रीय कर्मचारियों को retirement के बाद अधिक निश्चित और महंगाई से जुड़ा लाभ देना है।
सरकारी जवाब के अनुसार UPS में पात्र कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ₹10,000 प्रति माह assured payout का प्रावधान है। यह fund-based system है और कर्मचारी तथा केंद्र सरकार दोनों के योगदान के संचय और निवेश पर आधारित है।
इससे केंद्र की मौजूदा नीति की दिशा समझी जा सकती है।
सरकार फिलहाल OPS में वापस जाने के बजाय UPS के माध्यम से pension security को मजबूत करने की व्यवस्था पर आगे बढ़ रही है।
NPS के तहत कितना पैसा जमा है?
10 अगस्त 2026 के सरकारी जवाब में एक महत्वपूर्ण आंकड़ा भी सामने आया।
26 जुलाई 2026 तक केंद्रीय कर्मचारियों के NPS के तहत Assets Under Management (AUM) ₹3.65 लाख करोड़ था।
यह आंकड़ा OPS में वापसी की आर्थिक और प्रशासनिक जटिलता को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
राज्यों के मामले में भी यही समस्या सामने आती है।
किन राज्यों ने OPS की ओर लौटने की जानकारी दी?
10 अगस्त 2026 के लोकसभा जवाब के अनुसार राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश ने NPS से OPS की ओर लौटने के संबंध में केंद्र सरकार/PFRDA को जानकारी दी है।
सरकार ने यह भी बताया कि वर्तमान PFRDA कानून और संबंधित नियमों के तहत NPS में जमा कर्मचारी और सरकार के योगदान तथा उससे हुए accruals को राज्य सरकार को वापस करने का प्रावधान नहीं है।
यही कारण है कि राज्यों में OPS वापसी केवल राजनीतिक घोषणा का विषय नहीं है। इसमें बड़े वित्तीय और कानूनी प्रश्न भी जुड़े हैं।
OPS पर सरकार की सबसे बड़ी आपत्ति क्या है?
केंद्र सरकार का मुख्य तर्क वित्तीय दायित्व से जुड़ा है।
10 अगस्त 2026 के लोकसभा जवाब में सरकार ने स्पष्ट कहा कि OPS के कारण सरकारी खजाने पर अस्थिर वित्तीय दायित्व पैदा होता है। इसी कारण केंद्र सरकार OPS से दूर हुई।
दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन कर्मचारी की आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी है।
इसलिए OPS बनाम NPS/UPS की बहस केवल पेंशन की गणना का विषय नहीं है।
यह दो अलग दृष्टिकोणों की बहस है:
कर्मचारी सुरक्षा और निश्चित पेंशन
बनाम
सरकार की दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता।
क्या भविष्य में OPS वापस आ सकती है?
भविष्य की नीति को लेकर निश्चित भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।
सरकार कभी भी नई नीति ला सकती है। राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं। कर्मचारी संगठनों का दबाव बढ़ सकता है। 8वें Pay Commission की सिफारिशें भविष्य में पेंशन नीति को प्रभावित कर सकती हैं।
लेकिन 13 अगस्त 2026 की स्थिति को भविष्य की संभावना से अलग रखना होगा।
वर्तमान सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इसलिए अभी “OPS वापस आना तय है” कहना सरकारी रिकॉर्ड से प्रमाणित नहीं है।
OPS और YouTube खबरों का Fact Check
| दावा | स्थिति |
|---|---|
| कर्मचारी OPS की मांग कर रहे हैं | ✅ सही |
| 8वें Pay Commission के सामने OPS की मांग उठी है | ✅ सही |
| OPS आंदोलन जारी है | ✅ सही |
| कुछ राज्यों ने OPS की ओर वापसी की है | ✅ सही |
| केंद्र सरकार ने OPS बहाल करने का फैसला कर लिया है | ❌ आधिकारिक प्रमाण नहीं |
| केंद्र सरकार OPS लागू करने की तैयारी कर रही है | ❌ वर्तमान सरकारी जवाब इसका समर्थन नहीं करता |
| UPS केंद्र की वर्तमान पेंशन व्यवस्था का हिस्सा है | ✅ सही |
| केंद्रीय कर्मचारियों के NPS का AUM ₹3.65 लाख करोड़ है | ✅ 26 जुलाई 2026 का सरकारी आंकड़ा |
निष्कर्ष
OPS को लेकर इस समय सबसे ज्यादा भ्रम “मांग” और “मंजूरी” के बीच के अंतर को लेकर है।
कर्मचारी संगठन OPS की मांग कर रहे हैं। यह वास्तविक है।
8वें वेतन आयोग के सामने OPS से संबंधित मांगें उठाई जा रही हैं। यह भी वास्तविक है।
कुछ राज्यों ने NPS से OPS की ओर लौटने के निर्णयों की जानकारी दी है। यह भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
लेकिन दूसरी ओर 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि OPS बहाली का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार ने OPS के दीर्घकालीन वित्तीय दायित्व को इसका प्रमुख कारण बताया है।
इसलिए 13 अगस्त 2026 तक सबसे सटीक निष्कर्ष है:
OPS की मांग जारी है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा OPS बहाली की मंजूरी अभी नहीं हुई है।
YouTube पर “OPS Confirmed”, “OPS वापस आ गई” या “सरकार का बड़ा फैसला” जैसे शीर्षकों को सरकारी घोषणा मानने से पहले उनके मूल स्रोत को देखना आवश्यक है।
और किसी YouTube चैनल या कर्मचारी संगठन पर बिना प्रमाण सांठगांठ, पैसे लेकर खबर चलाने या लोगों को जानबूझकर गुमराह करने का आरोप लगाना उचित नहीं होगा।
तथ्यों की आलोचना की जा सकती है। दावों का Fact Check किया जा सकता है। लेकिन आरोप हमेशा प्रमाण के आधार पर ही लगाए जाने चाहिए।
लेखक परिचय
लेखक: इशाकमियाॅं सैयद
इशाकमियाॅं सैयद शिक्षण, लेखन, ब्लॉगिंग और सामाजिक विषयों पर अध्ययन एवं लेखन से जुड़े लेखक हैं। उन्होंने लंबे समय तक शिक्षा क्षेत्र में कार्य किया और प्रधानाचार्य के रूप में भी सेवाएं दी हैं।
उनकी रुचि शिक्षा, सरकारी कर्मचारी नीतियां, पेंशन व्यवस्था, सामाजिक विषय, इतिहास, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर शोधपरक एवं सरल भाषा में सामग्री प्रस्तुत करने में है।
इस लेख में OPS, NPS और UPS से संबंधित जानकारी को सरकारी रिकॉर्ड और उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
लेखक का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल, कर्मचारी संगठन, सरकारी विभाग या मीडिया संस्था का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि पाठकों तक उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तथ्य पहुंचाना है।
आठवें वेतन आयोग की वेतन वृद्धि
स्रोत और महत्वपूर्ण लिंक
लोकसभा — 10 अगस्त 2026, Question No. 3637: OPS Implementation
https://www.bhaskar.com/g/business/news/old-pension-scheme-ops-rejection-govt-statement-lok-sabha-138687564.html
लोकसभा — Question No. 3636: Restoration of OPS, NPS और UPSOPS Restoration पर सरकारी जवाब

OPS पर केंद्र सरकार का ताजा रुख
Economic Times — 10 अगस्त 2026
Economic Times: No proposal for OPS restoration
Mint — OPS पर केंद्र सरकार का ताजा रुख
क्या सरकार OPS बहाल करेगी
डिस्क्लेमर
यह लेख 13 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सरकारी जवाबों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। पेंशन नियमों में बाद में परिवर्तन संभव है। किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत पेंशन अधिकार के लिए संबंधित विभाग, DoPPW, वित्त मंत्रालय या जारी सरकारी अधिसूचना को अंतिम स्रोत माना जाना चाहिए। यह लेख किसी व्यक्ति, संगठन, YouTube चैनल या संस्था पर आरोप लगाने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है।
